Aryan Khan Case: '1100 करोड़ का घोटालेबाज मोहित कम्बोज और वानखेड़े का खेल' : नवाब मलिक

नवाब मलिक ने कहा कि मोहित कम्बोज 1100 करोड़ के बैंक घोटाले का आरोपी है, जो पिछली सरकार में कांग्रेस के नेताओं के पीछे घूमा करता था लेकिन जैसे ही सरकार बदली, वह बीजेपी में शामिल हो गया।

बॉलीवुड मेगास्टार शाह रुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) के मामले में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Maharashtra Minister Nawab Malik) ने नया आरोप लगते हुए कहा है कि 1100 करोड़ के बैंक घोटाले के आरोपी बीजेपी के पूर्व युवा मोर्चा के अध्यक्ष मोहित कम्बोज (Mohit Kamboj) और NCB अधिकारी समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) ने मिलकर आर्यन खान को वसूली के लिए फंसाया है।

नवाब मलिक ने कहा कि NCB द्वारा पहले हिरासत में  लिया गया ऋषभ सचदेवा उसका साला है। मलिक ने पहले ही आरोप लगाया था कि ऋषभ सचदेवा, प्रतीक गाबा और आमिर फर्नीचर वाला को NCB ने हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया था। उन्होंने ये भी कहा कि ऋषभ सचदेवा ने आमिर फर्नीचरवाला और प्रतीक गाबा के ज़रिए आर्यन खान को क्रूज़ पर बुलाया था।

नवाब मलिक ने कहा कि मोहित कम्बोज 1100 करोड़ के बैंक घोटाले का आरोपी है, जो पिछली सरकार में कांग्रेस के नेताओं के पीछे घूमा करता था लेकिन जैसे ही सरकार बदली, वह बीजेपी में शामिल हो गया और दिंडोशी विधानसभा से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा। मलिक ने कहा कि चुनाव हारने के बाद मोहित को बीजेपी युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया। 

मलिक ने कहा कि 1100 करोड़ के घोटाले की जानकारी सीबीआई और ईडी के पास भी है और करीब डेढ़ साल पहले केंद्रीय एजेंसी ने उसके यहां छापा भी मारा था।

मलिक ने आरोप लगाया कि मोहित कम्बोज वानखेड़े का साथी है और दोनों ने मिलकर आर्यन खान को ट्रैप किया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों के अच्छे रिश्तों और होटलों के बंद कमरों में मीटिंग का फुटेज जल्द ही जारी करेंगे। मलिक ने कहा कि कम्बोज के 12 होटल हैं। 

मलिक ने कहा कि एक कब्रिस्तान के पीछे समीर वानखेड़े और मोहित कम्बोज मिले थे। जिसके बारे में वानखेड़े ने कुद कहा कि कोई उनका पीछा कर रहा था। मलिक ने कहा कि संयोगवश वहां की सीसीटीवी कैमरा खराब था, इसलिए उसकी फुटेज नहीं दे पा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि कम्बोज समीर वानखेड़े की प्राइवेट आर्मी का एक मेंबर है। उन्होंने कहा कि वानखेड़े चाहते हैं कि इस शहर में ड्रग्स का धंधा चलता रहे और वो पता लगाते रहे कि कौन ड्रग्स का सेवन करता है, ताकि उनसे हज़ारों करोड़ रुपये की वसूली कर सकें।