मोदी सरकार में छह लाख भारतीयों ने छोड़ी नागर‍िकता और अंधभक्‍त मचा रहे आत्‍मन‍िर्भर भारत का शोर - बोले बीजेपी सांसद

अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर MP सुब्रमण्यम स्वामी इन दिनों अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे हैं, अर्थव्यवस्था से लेकर विदेश मामलों तक पर वह मोदी सरकार की आलोचना करने से परहेज नहीं करते हैं।

मोदी सरकार में छह लाख भारतीयों ने छोड़ी नागर‍िकता और अंधभक्‍त मचा रहे आत्‍मन‍िर्भर भारत का शोर - बोले बीजेपी सांसद
सुब्रमण्यम स्वामी मोदी सरकार द्वारा लिए गए कई फैसलों पर आलोचना करते रहते हैं । (फोटो सोर्स: PTI/फाइल)

भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके समर्थकों पर निशाना साधा है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को लेकर लिखा कि अंधभक्त और गंधभक्त के दावों के उलट आधिकारिक आंकड़ा से पता चलता है कि 6 लाख भारतीयों ने भारत की नागरिकता छोड़ दी है।

स्वामी ने ट्वीट में लिखा कि प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी के कार्यकाल में उनके समर्थकों का दावा है कि दुनिया भर में रह रहे भारतीय आत्मनिर्भर होने के लिए भारत वापस आना चाहते हैं। लेकिन आधिकारिक आंकड़ों में 6 लाख भारतीयों ने भारत की नागरिकता छोड़ी है। ऐसा क्यों? बता दें कि स्वामी अक्सर मोदी सरकार के खिलाफ ट्वीट करते देखे जाते हैं।

चीन-लद्दाख पर पूछा सवाल: शीतकालीन सत्र में उन्होंने चीन और लद्दाख से जुड़ा सवाल पूछा लेकिन राज्यसभा में इसकी अनुमति नहीं मिल सकी। बता दें कि ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी देते हुए स्वामी ने कहा कि, राष्ट्रीय हित का मुद्दा होने के चलते उनके सवाल को अनुमति नहीं मिली।

दरअसल सुब्रमण्मय स्वामी ने सवाल किया था कि ‘क्या चीन ने लद्दाख में एलएसी पार की है।’ ट्वीट में उन्होंने कहा कि राज्यसभा सचिवालय की तरफ से बताया गया कि राष्ट्रीय हित से जुड़ा होने के कारण उनके इस सवाल को अनुमति नहीं दी जा सकती।

यह पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी चीन की घुसपैठ को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी केंद्र सरकार पर हमला बोल चुके हैं। वो पीएम मोदी को बिना नाम लिए ईर्ष्यालु और हीन भावना से ग्रसित बता चुके हैं। वहीं कुछ दिन पहले उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा, इकोनॉमी, सीमा सुरक्षा, विदेश नीति जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को फेल बताया था।

एक ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड- अर्थव्यवस्था में फेल, सीमा सुरक्षा में फेल, विदेश नीति में अफगानिस्तान में विफलता मिली, राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर पेगासस का मामला, आंतरिक सुरक्षा में कश्मीर में छाई निराशा, इन सबके लिए कौन उत्तरदायी? – सुब्रमण्यम स्वामी।”

गौरतलब है कि स्वामी की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से 24 नवंबर को हुई मुलाकात भी काफी चर्चा में हैं। सियासी गलियारे में इसको लेकर कयासों का दौर जारी है। दिल्ली दौरे पर आईं ममता बनर्जी से मिलने के बाद भाजपा सांसद ने कहा था कि वे तो हर समय साथ ही हैं।