पूर्व IAS Officer राजीव अग्रवाल को फेसबुक ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, पहले UBER में भी दे चुके हैं सेवा

अग्रवाल ने भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) के रूप में 26 वर्ष अपनी सेवा दी है, और उत्तर प्रदेश राज्य के नौ जिलों में जिलाधिकारी के रूप में काम किया है।

पूर्व IAS Officer राजीव अग्रवाल को फेसबुक ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, पहले UBER में भी दे चुके हैं सेवा

फेसबुक इंडिया ने सोमवार को बताया कि उसने पूर्व आईएएस अधिकारी (IAS Officer) और उबर के पूर्व कार्यकारी राजीव अग्रवाल को अपना सार्वजनिक नीति निदेशक नियुक्त किया है। वह पद पर अंखी दास की जगह लेंगे, जिन्होंने एक विवाद में फंसने के बाद पिछले साल अक्टूबर में अपना पद छोड़ दिया था।


अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने बयान में कहा कि अग्रवाल इस भूमिका में भारत में फेसबुक के लिए महत्वपूर्ण नीति विकास पहलुओं को परिभाषित करेंगे और उनका नेतृत्व करेंगे।

इन पहलुओं में उपयोगकर्ता सुरक्षा, डेटा संरक्षण एवं गोपनीयता, समावेश और इंटरनेट शासन शामिल हैं। इस भूमिका में अग्रवाल फेसबुक इंडिया के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजित मोहन के अधीन काम करेंगे और भारतीय नेतृत्व टीम का हिस्सा होंगे। बयान के मुताबिक अग्रवाल इससे पहले ऑनलाइन टैक्सी सेवा प्रदाता उबर (Uber) में भारत और दक्षिण एशिया के लिए सार्वजनिक नीति के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे।

अग्रवाल ने भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) के रूप में 26 वर्ष अपनी सेवा दी है, और उत्तर प्रदेश राज्य के नौ जिलों में जिलाधिकारी के रूप में काम किया है। बयान में कहा गया कि एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (वाणिज्य मंत्रालय) में संयुक्त सचिव के रूप में बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) पर भारत की पहली राष्ट्रीय नीति का संचालन किया और भारत के बौद्धिक संपदा कार्यालयों के डिजिटल परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

इसमें कहा गया है कि वह अन्य देशों के साथ आईपीआर पर भारत के प्रमुख वार्ताकार होने के अलावा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार मंच से भी जुड़े रहे हैं।अजित मोहन ने इस नियुक्ति को लेकर कहा कि फेसबुक भारत के उस आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन में एक सहयोगी है जिसमें डिजिटल एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, “अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के साथ, राजीव पारदर्शिता, जवाबदेही, सशक्त और सुरक्षित समुदायों के निर्माण के हमारे अभियान को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे, जिसे हम अपनी जिम्मेदारी मानते हैं।”